Adblock Detected!

*Please disable your adblocker or whitelist a2zupload.com
*Private/Incognito mode not allowed.
error_id:202

टाटा: एजीआर बकाया राशि रु 2197 करोड़ नहीं रु 13823 करोड़



नई दिल्ली: समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) देय राशि में अपना हिस्सा 2197 करोड़ रुपए ही है जो यह पहले से ही भुगतान किया गया है और विभाग (डॉट) द्वारा मांग की गई है कि 13823 करोड़ रुपए नहीं है कि सरकार को बताया गया है)
सूत्र बताते हैं कि शीर्ष टाटा के अधिकारियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पास पूर्व एजीआर देयताओं के प्रति उनके स्व-मूल्यांकन गणनाओं के आधार पर अधिक कुछ भी भुगतान नहीं करना है ।
यह मामला अब टेलीकॉम विभाग के साथ आगे बढ़ रहा है यह विचार कर रहा है कि टाटा समूह को नोटिस जारी किया जाए जो टाटा टेलीसर्विसेस तथा टाटा टेलीसर्विसेस () ब्रांड के तहत परिचालन करते हुए गणना के अपने पक्ष को न्यायोचित ठहरा रहा है । हमारा आकलन पूरा हो गया है और अगले एक-दो दिनों में टाटा कंपनियों से एक स्पष्टीकरण की मांग की जाएगी ।

मंत्रालय अपनी मांग पर स्पष्ट प्रतीत होता है वहीं स्रोत टाटा के अधिकारियों ने कहा था कि उनकी गणना एक संपूर्ण आंतरिक मूल्यांकन के बाद पुष्टि की गई है जिसके बाद एक स्वतंत्र सलाहकार द्वारा सत्यापित किया गया था
जब किसी कंपनी के प्रवक्ता सैदपुुरिस से अक्टूबर 24 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और दूरसंचार विभाग टाटा टेलीसर्विसेस और टाटा टेलीसर्विसेस (महाराष्ट्र) के आगे संचार के अनुसार संपर्क किया गया तो लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क की ओर डॉट को 2197 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया । कंपनियों को भी दूरसंचार विभाग को भुगतान के समर्थन में गणना के विवरण प्रस्तुत किया है
सूत्र बताते हैं कि अगर मुसीबत बढ़ जाती है तो यह भी टाटा टेलीकॉम कारोबार का अधिग्रहण किया है जो एयरटेल पर कोई प्रभाव हो सकता था कि कहा हम नए मालिक से राशि की मांग करेंगे और यह है कि यह वही है जो नियम राज्य एक अन्य स्रोत ने कहा

comments